मोदी ने दिवाली मनाने के लिए चीन के बॉर्डर को ही क्यों चुना, वजह जान कर हैरान रह जाएंगे

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सूत्र बताते हैं कि बातों ही बातों में प्रधानमंत्री ने सैन्य अफसरों ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों से भी इलाके की गतिविधियों पर प्रतिक्रियाएं लीं और चर्चा की। अफसर सीमा पर हुई चर्चा पर चुप्पी साधे हैं, लेकिन मॅकमहोन रेखा पर मौके पर फीड बैक ली गई है। दरअसल यह रेखा भारत-तिब्बत की सीमा रेखा है जिसे 1914 में ब्रिटिश सरकार व तिब्बत के बीच समझौते के तहत बनाया गया। हिमाचल प्रदेश में चिह्न्ति यह रेखा हालांकि काफी कम है, लेकिन चीन इसे स्वीकार ही नहीं करता है। लेकिन भारत में इसकी स्वीकार्यता है।

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