भारत में लैंड रेकॉर्ड्स में तमाम गड़बड़ियां दिखती हैं। विश्लेषकों का कहना है कि नेता, कारोबारी और विदेशों में रहने वाले भारतीय टैक्स अदा किए बिना प्रॉपर्टी में निवेश कर देते हैं। इसके लिए वह अपने नाम पर संपत्ति खरीदने की बजाय रिश्तेदारों और भरोसेमंद एंप्लॉयीज के नाम पर संपत्ति की खरीद करते हैं। इन प्रॉपर्टीज के बारे में कोई स्पष्ट डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक कई शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर में 5 से 10 पर्सेंट तक ऐसे लोगों ने निवेश किया है, जिन्होंने टैक्स की चोरी की है।
दोषी पाए जाने पर 7 साल कैद और जब्त होगी संपत्ति
इसी साल 1 नवंबर से लागू हुए प्रोहिबिशन ऑफ बेनामी प्रॉपर्टीज ट्राजैक्शंस ऐक्ट के तहत बेनामी संपत्ति रखने वाले लोगों को 7 साल तक की कैद हो सकती है। इसके अलावा उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। हालांकि सरकार भी इस बारे में विचार कर रही है कि वह कैसे रियल एस्टेट के रेकॉर्ड्स को जुटाए और लैंड रजिस्ट्रीज की पड़ताल करे।