परमाणु क्षमता से लैस अग्नि-5 का सफल परीक्षण, 5 हजार किलोमीटर की दूरी तक कर सकता है वार

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DRDO
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DRDO ने आज (सोमवार) बलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के पास एक द्वीप पर किया गया। इस परीक्षण के सफल होने के साथ ही अग्नि-5 मिसाइल को भारत के परमाणु बेड़े में शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। कुछ और परीक्षणों के बाद इसे स्ट्रैटिजिक फोर्सेस कमांड (SFC) में शामिल कर लिया जाएगा। परमाणु क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल 5,000 किलोमीटर की दूरी तक वार कर सकता है। इसकी पहुंच चीन के सुदूर उत्तरी क्षेत्रों तक है।

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सोमवार सुबह 11 बजे के करीब इसका परीक्षण किया गया। अग्नि-5 के आधिकारिक तौर पर भारतीय बेड़े में शामिल हो जाने के बाद भारत की परमाणु क्षमता काफी बढ़ जाएगी। इस मिसाइल के साथ ही भारत 5,000 से 5,5000 किलोमीटर की दूरी तक वार करने वाले बलिस्टिक मिसाइलों से लैस देशों के ग्रुप में शामिल हो जाएगा। अभी यह क्षमता अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के ही पास है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अग्नि-5 के सफल परीक्षण पर DRDO को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस मिसाइल से भारत की सामरिक व रक्षात्मक क्षमता मजबूत होगी।

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अग्नि-5 को SFC में शामिल किए जाने और पर्याप्त मात्रा में उसके उत्पादन के लिए जरूरी है कि 50 टन के इस मिसाइल का कम से कम 2 बार यूजर ट्रायल किया जाए। 17 मीटर लंबे इस मिसाइल का परीक्षण इससे पहले अप्रैल 2012 और सितंबर 2013 में किया गया था। तीसरा परीक्षण जनवरी 2015 में भी किया गया। मिसाइल को अगर कैनिस्टर-लॉन्च किया जाए, तो इसकी मारक क्षमता और बढ़ जाती है। कौनिस्टर-लॉन्च की स्थिति में सुरक्षा बलों को इसे कहीं भी ले जाने और अपनी पसंद की जगह से इसे दागने का विकल्प मिल जाता है।

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