गैर सरकारी संगठनों और बाबुओं को 31 दिसंबर तक देनी होगी संपत्ति की जानकारी

0

नई दिल्ली। केंद सरकार के कर्मचारियों, विदेशी तथा घरेलू अनुदान पाने वाले गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और उनके पदाधिकारियों के लिए संपत्ति और देनदारी की जानकारी देने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर कर दी गई है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने नई अंतिम तारीख को अधिसूचित करते हुए ये आदेश जारी किया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी, अपने जीवनसाथी और निर्भर बच्चों की संपत्ति तथा देनदारी की जानकारी देना लोकपाल अधिनियम के तहत अनिवार्य है। 50 लाख कर्मचारियों के लिए छठी बार तारीख बढ़ाई गई है। हालांकि एनजीओ और उनके पदाधिकारियों के लिए पहली बार ऐसा किया गया है। वर्तमान अंतिम तिथि इस रविवार को खत्म होने वाली थी।

इसे भी पढ़िए :  BREAKING NEWS: MCD चुनाव में हार से आहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने दिया इस्तीफा

सांसदों ने लोकपाल कानून के उस नियम के खिलाफ संसद में अभिवेदन पेश किया था जिसके तहत एनजीओ और उसके पदाधिकारियों को संपत्ति की जानकारी देना अनिवार्य था। इसके बाद गुरुवार को संसद ने लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 में संशोधन करते हुए एक विधेयक पारित किया और इस तरह जानकारी देने के लिए छह महीने का विस्तार मिल गया।

इसे भी पढ़िए :  बढ़ सकती हैं इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख

बुधवार को लोकसभा ने लोकपाल और लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक, 2016 पारित किया था और गुरुवार को इसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। नियमानुसार, लोकपाल कानून के तहत हर सरकारी कर्मचारी को घोषणा पत्र, संपत्ति से होने वाली सालाना आय और देनदारी की जानकारी हर साल 31 मार्च को या फिर उसी साल 31 जुलाई को या उससे पहले जमा करनी होती है।

साल 2014 में रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी। पहले इसे दिसंबर 2014 तक बढ़ाया गया और फिर 30 अप्रैल 2015 तक बढ़ाया गया। तीसरी बार इसे 15 अक्तूबर तक बढ़ाया गया। फिर इस 15 अप्रैल और इसके बाद इस साल 31 जुलाई किया गया। कार्मिक विभाग ने बीते महीने आदेश जारी किया था जिसके तहत एक करोड़ रपये से ज्यादा सरकारी अनुदान पाने वाले और 10 लाख रपये से अधिक विदेशी दान पाने वाले एनजीओ को लोकपाल के दायरे में लाया गया था।

इसे भी पढ़िए :  एक साथ 31 सैटेलाइट्स लॉन्च कर ISRO ने फिर रचा इतिहास, श्रीहरिकोटा से की लॉन्चिंग