सिंधु जल समझौता तोड़ना चाहते हैं मोदी! डोभाल के साथ की मीटिंग

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि 1960 में किये गये इस समझौते के बारे में सरकार का जो भी फैसला होगा उनका राज्य इसका पूरा समर्थन करेगा। सिंह ने कहा था, ‘‘इस संधि के कारण जम्मू कश्मीर को बहुत नुकसान हुआ है।’’ क्योंकि राज्य इन नदियों, विशेष रूप से जम्मू की चिनाब के पानी का कृषि अथवा अन्य जरूरतों के लिए पूरा उपयोग नहीं कर पाता है।

इसे भी पढ़िए :  भारतीय नौसेना को मिला अबतक का सबसे खतरनाक युद्धपोत, जानिए इसमें क्या है खास

उन्होंने कहा था, ‘‘केन्द्र सरकार सिंधु जल संधि के बारे में जो भी फैसला करेगी, राज्य सरकार उसका पूरा समर्थन करेगी।’’ उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले सप्ताह स्पष्ट तौर पर कहा था, इस संधि को जारी रखने के लिए ‘आपसी विश्वास और सहयोग’ बहुत महत्वपूर्ण है।

इसे भी पढ़िए :  पाक पीएम पर भड़के सलीम खान, कहा नवाज़ का नाम बे-नवाज़-शरीर होना चाहिए था
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse