सिंधु जल समझौता तोड़ना चाहते हैं मोदी! डोभाल के साथ की मीटिंग

0
सिंधु जल समझौता
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

नयी दिल्ली:भाषा: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता की समीक्षा के लिए बुलायी बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर, जल संसाधन सचिव एवं प्रधानमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। यह समीक्षा बैठक 18 भारतीय सैनिकों की जान लेने वाले उरी आतंकी हमले का पाकिस्तान को मुनासिब जवाब देने के विकल्पों पर विचार के सिलसिले में बुलाई गई है।

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए, भारत अब तोड़ेगा हवाई संपर्क

भारत में यह मांग लगातार बढ़ रही है कि आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत सिंधु जल समझौता को तोड़ दे। सिंधु जल समझौता पर सितंबर 1960 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किये थे। इस समझौते के तहत छह नदियों, व्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चिनाब और झेलम के पानी को दोनों देशों के बीच बांटा गया था। पाकिस्तान की यह शिकायत रही है कि उसे पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा और इसके लिए वह एक दो बार अन्तरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए भी जा चुका है।
अगले पेज पर पढ़िए – सिंधु जल समझौते का खामियाता उठाता है कश्मीर

इसे भी पढ़िए :  राजनाथ सिंह ने पुलिस वाले को मारा थप्पड़, देखिए वीडियो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse