लोन माफी पर जेटली की सफाई, कहा- माफ नहीं हुआ माल्या का लोन

0
विजय माल्या
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने करीब 7016 करो़ड़ रुपये का बकाया लोन डुबा हुआ मान लिया है। इनमें विजय माल्या भी शामिल हैं। विजय माल्या की राशि बाकी कुल राशि का करीब 80 प्रतिशत है। माल्या पर विभिन्न बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये बकाया है। वो अभी देश से फरार हैं। इस मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को सफाई दी कि राइट ऑफ का ये मतलब नहीं है कि लोन माफ कर दिया गया है।

इसे भी पढ़िए :  सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने के लिए ISI ने 'मुश्ताक जरगर' को बनाया मोहरा, ये है नया प्लान

जेटली ने राज्यसभा में माल्या का लोन माफ होने की खबरों पर सफाई दी। वित्त मंत्री ने कहा, ‘राइट ऑफ करने का मतलब सिर्फ इतना होता है कि बैंक द्वारा अकाउंटिंग बुक में लोन को नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स मान लिया गया है। राइट ऑफ करने को लोन का मतलब लोन की माफी नहीं होता। लोन की रिकवरी के प्रयास अब भी जारी रहेंगे।’

इसे भी पढ़िए :  महंगाई पर राहुल के सवाल का अरुण जेटली ने दिया करारा जवाब !

जिन कर्जदारों का लोन डूबा हुआ माना गया है, उनमें टॉप 20 में किंगफिशर एयरलाइंस (1201 करोड़),केएस ऑयल (596 करोड़), सूर्या फार्मास्यूटिकल्स (526 करोड़), जीईटी पावर (400 करोड़) और साई ईन्फो सिस्टम (376 करोड़) हैं। हालांकि बैंक का कहना है कि यह एक कॉमर्शियल निर्णय है और इसका मोदी सरकार के नोटबंदी से कोई संबंध नहीं है। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य अरुंधति भट्टाचार्य ने ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ से कहा कि ये डूबा हुआ नहीं माना जाएगा। इन्हें उन खातों में डाला गया है, जिस खाते को एकाउंट्स अंडर कलेक्शन कहा जाता है। प्रबंधन द्वारा मासिक समीक्षा और बोर्ड द्वारा तिमाही समीक्षा सहित इन सभी ऋणों की वसूली के लिए एक बहुत मजबूत प्रक्रिया है।

इसे भी पढ़िए :  बजट में लग सकता है आम आदमी को झटका, सर्विस टैक्‍स 16-18 फीसदी कर सकती है सरकार
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse