लोढ़ा कमिटी पर अनुराग ठाकुर ने SC में झूठ बोला था ?कोर्ट ने कहा ‘जेल जा सकते हैं ठाकुर’

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की रिव्यू याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई को बीसीसीआई को जस्टिस लोढ़ा कमिटी की सिफारिशें लागू करने का आदेश दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई ने 16 अगस्त को पुनर्विचार याचिका दायर की थी। बीसीसीआई की ओर से दाखिल याचिका में गुहार लगाई गई थी कि सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर फिर से विचार करे और मामले में सुनवाई के लिए 5 जजों की बेंच का गठन किया जाए।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी: SC ने लगाई सरकार को फटकार, पूछा 31 मार्च तक पुराने नोट जमा करने का मौका क्यों नहीं दिया

बीसीसीआई और उसकी स्टेट असोसिएशंस ने जस्टिस लोढ़ा कमिटी की सभी सिफारिशें मानने में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। इसी को लेकर कोर्ट यह सुनवाई कर रहा है। इस मामले पर कोर्ट को अब यह तय करना है कि क्या क्रिकेट के लिए बीसीसीआई प्रशासक नियुक्त किया जाए या फिर बीसीसीआई को और वक्त दिया जाए। इससे पहले लोढ़ा पैनल की सिफारिशें न मानने तक बीसीसीआई द्वारा राज्य क्रिकेट संघों को किसी भी तरह का फंड जारी करने पर रोक है।

इसे भी पढ़िए :  अबु इस्माइल के बाद जीनत बना कश्मीर में लश्कर ए तैयबा का नया कमांडर

उल्लेखनीय है कि लोढ़ा कमिटी बीसीसीआई की रूप-रेखा पूरी तरह से बदलना चाहती है। बीते साल जुलाई में जस्टिस लोढ़ा समिति ने अपनी रिपोर्ट का पहला हिस्सा जारी किया था, जिसके बाद से बीसीसीआई में हलचल मची है। लोढ़ा कमिटी बोर्ड में अधिक उम्र के अधिकारियों को नहीं चाहती और वह राज्य संघों में भी एक ही क्रिकेट संघ को चाहती है, जो पूर्ण सदस्य हो और उसे वोट देने का अधिकार हो। इसके अलावा पैनल की ऐसी और भी कई शर्ते हैं, जिन्हें बीसीसीआई मानने पर राजी नहीं हो पा रही है।

इसे भी पढ़िए :  नेहरूवादी अर्थव्यवस्था की आलोचना पर जेटली पर बरसी कांग्रेस
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse