सुप्रीम कोर्ट का आदेश- ‘बाबरी विध्वंस मामले में दो साल में पूरा हो केस’, आडवाणी, जोशी हैं आरोपी, देखिए घटना की पूरी सच्चाई

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हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की इस मांग पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है और मंगलवार तक सभी पक्षों से लिखित हलफनामा दायर करने को कहा है।

बता दें कि कोर्ट को ये तय करना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई होनी चाहिए या नहीं, जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी समेत कई नेताओं पर आपराधिक साजिश का आरोप है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद विध्वंस मामल में निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा था। जिसमें लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी समेत दूसरे आरोपियों को क्लीन चिट दी गई थी।

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इसके पहले 22 मार्च को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने 6 अप्रैल की तारीख दी थी। अदालत ने सीबीआई और हाजी महबूब अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तारीख तय की थी।

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