सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह पर जताई चिंता, कहा – यह शादी नहीं मृगतृष्णा है

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सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह पर जताई चिंता, कहा - यह शादी नहीं मृगतृष्णा है

सुप्रीम कोर्ट ने आज बाल विवाह पर चिंता जताते हुए कहा कि यह शादी नहीं मृगतृष्णा है। बाल विवाह के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून में बाल विवाह को अपराध माना गया है, उसके बावजूद लोग बाल विवाह करते है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे पास तीन विकल्प है। पहला इस अपवाद को हटा दें जिसका मतलब है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता और उसे रेप माना जाए।

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दूसरा विकल्प यह है कि इस मामले में पॉस्को एक्ट लागू किया जाए यानि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उसपर पॉस्को के तहत कार्रवाई हो और तीसरा विकल्प ये है कि इसमें कुछ न किया जाए और इसे अपवाद माना जाए।

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Source: ndtv india