डिजिटल इंडिया की तरफ रेलवे का पहला कदम, 12000 टिकट काउंटर्स को बनाया जाएगा कैशलेस

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रेलवे

रेल मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने पहले ही अपने अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि वे रेलवे को पहला कैशलेस बनाने में जुट जाएं। रेलवे के पास पहले ही अपने फ्रेट कलेक्शन का 95 पर्सेंट कैशलेस है। हालांकि, रिजर्व्ड कैटेगरी में यह केवल 55 पर्सेंट है। अनरिजर्व्ड और मंथली पास की बिक्री 100 पर्सेंट कैश पेमेंट के जरिए होती है क्योंकि इनके लिए कार्ड से पेमेंट की अनुमति नहीं है।

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आईआरसीटीसी के जरिए रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग पर सर्विस चार्ज 31 दिसंबर तक समाप्त कर दिया गया है। इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग को प्रोत्साहन मिलेगा। रेलवे ने एसी टिकट की ऑनलाइन बुकिंग पर 40 रुपये और नॉन एसी टिकट की बुकिंग पर 20 रुपये का सर्विस चार्ज स्थायी रूप से समाप्त करने का प्रपोजल देने की योजना बनाई है।

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रेलवे ने आईआरसीटीसी से रेवेन्यू हासिल करने के ऑल्टरनेटिव सोर्स खोजने को भी कहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि ऑनलाइन बुकिंग पर कोई चार्ज नहीं लिया जाए। अनरिजर्व्ड टिकटों को बेचने के लिए रेलवे पेटीएम जैसी डिजिटल वॉलेट सर्विसेज के साथ बातचीत कर रही है।

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