आर्म्स डीलर ने हनीट्रैप के जरिए वरुण गांधी को किया ब्लैकमेल!

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

बता दें कि गांधी अब डिफेंस कंसलटेटिव कमिटी के सदस्य नहीं हैं। बीजेपी के सीनियर नेताओं का कहना है कि खुफिया किस्म के दस्तावेज या जानकारी को आम तौर पर संसदीय कमिटी के सदस्यों से नहीं साझा किया जाता।

इसे भी पढ़िए :  तीन तलाक पर बोले जेटली, कहा- पर्सनल लॉ संविधान के दायरे में होना चाहिए

एलन कभी वर्मा के एजेंट हुए करते थे। उन्होंने 2012 में भारतीय अधिकारियों के साथ ऐसे सैकड़ों दस्तावेज शेयर किए, जिसकी वजह से आर्म्स डीलर अभिषेक के खिलाफ कई मामले दर्ज हो पाए। इनमें रक्षा मंत्रालय से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक होने का मामला भी शामिल है।

इसे भी पढ़िए :  NEET परिक्षा में उड़ीं कानून की धज्जियां, मंगलसूत्र और बालियों के साथ उतरवाए छात्राओं के अंडरगारमेंट्स

एलन की ओर से इस लेटर की एक कॉपी डिफेंस मिनिस्टर और नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर को भी भेजी गई है। एलन के मुताबिक, ऐसा करने का मकसद यह पता लगाने में मदद करना है कि कहीं डिफेंस कंसलटेटिव कमिटी का कोई अन्य सदस्य या उनका स्टाफ अभिषेक वर्मा द्वारा ब्लैकमेल तो नहीं किया जा रहा।

इसे भी पढ़िए :  अगर संसद में पास हुआ ये बिल तो नकारे विधायक और सांसद की जाएगी कुर्सी!
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse