नवरात्रि के नौ दिन और माता के नौ रूपों का महत्व, कैसे मनाएं मैया को, यहां पढ़ें

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नवरात्रि प्रतिपदा दो दिन (एक अक्टूबर और 2 अक्टूबर): शैलपुत्री
इस दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप की अराधना की जाती है। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए इन्हें पार्वती एवं हेमवती के नाम से भी जाना जाता है। मां शैलपुत्री की आराधना से मन वांछित फल मिलता है। माता शैलपुत्री का स्वरुप अति दिव्य है। मां के दाहिने हाथ में त्रिशूल है और मां के बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित है।

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