सेल्फी बनी बीमारी, आपको भी पहुंचा सकती है हॉस्पिटल

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

इस बीमारी से लोगों को लगने लगता है कि वे अच्छे नहीं दिखते हैं। माना जाता है कि सेल्फी के दौर ने कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वालों की संख्या बढ़ा दी है। जब एक इंसान को अपने रोज के काम में कोई एक आदत बाधा डालने लगे तो समझ में आता है कि वह ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर का शिकार है। पढ़ने वाले को पढ़ाई में मन नहीं लगे, काम वाले को काम में मन नहीं लगे, तो यह बीमारी की शुरुआत है। अगर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह बढ़ती जाती है।

इसे भी पढ़िए :  जानिए कैसे कैंसर इलाज के दौरान नौ साल की बच्ची को हुआ HIV

इस बारे में गंगाराम अस्पताल की सायकायट्रिस्ट डॉ. रोमा कुमार ने कहा कि हर महीने ऐसे चार-पांच मरीज आते हैं, जो टीनेजर्स होते हैं। उनमें सेल्फी की लत देखी जाती है। सेल्फी लेना एक नॉर्मल बात है, लेकिन बार-बार सेल्फी लेना और खुद को प्रोजेक्ट करना एडिक्शन बन जाता है।

इसे भी पढ़िए :  मौत की सेल्फी! सेल्फी के चक्कर में बावड़ी में गिरा सेना का मेजर, 16 घंटे बाद निकली डेड बॉडी

खुद की विडियो, शक्ल बनाना और फिर रोज पिक्चर डालना बीमारी बनती जा रही है। टीनेजर्स में यह देखी जा रही है। असलियत यह है कि सोशल मीडिया पर लोग सोशल बनते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कॉन्फिडेंस की कमी होती है। अब बॉडी इमेज को लेकर लड़कियां सजग रहने लगी हैं, अलग-अलग हरकत करती हैं।

इसे भी पढ़िए :  क्राइम ब्रांच के अफसरों ने सीरियल किलर को बना दिया सेलिब्रिटी, साथ बेठकर ली सेल्फी
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse