रवि शास्त्री की नज़र में सौरव गांगुली नहीं है अच्छे कप्तान

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हालांकि इस विवाद के बाद दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने भारतीय क्रिकेट टीम के 500वें टेस्‍ट के जश्‍न में कानपुर में साथ नजर आए थे लेकिन ऐसा लगता है कि इनके बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। धोनी के शॉर्टर फॉर्मेट की कप्‍तानी छोड़ने के निर्णय के तुंरत बाद टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्‍टर रवि शास्‍त्री के बयान ने एक नए विवाद को जन्‍म दे दिया है।

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शास्त्री ने कहा, “दादा कप्तान (धोनी) को मेरा सलाम। उनके फैसले के चलते विराट कोहली को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। धोनी ने हर खिताब अपने नाम किया और उनके पास खुद को साबित करने के लिए कुछ नहीं बचा है।”

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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर शास्‍त्री ने कहा, “इस मामले में धोनी के पीछे कपिल देव हैं जिनके नेतृत्‍व में भारत ने 1983 में वर्ल्‍डकप जीता और 1986 में इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज जीती। वनडे क्रिकेट के पहले वाले युग में अजित (वाडेकर) थे जिन्‍होंने 1971 में वेस्‍टइंडीज और फिर इंग्‍लैंड में लगातार टेस्‍ट सीरीज जीतीं। निश्चित रूप से अपने अलग स्‍टाइल के कारण टाइगर (पटौदी) भी हैं। बाकी कोई नहीं।”

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