भारत को जीत दिला सकते हैं ये लड़ाके

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दीपसन टिर्की- ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले दीपसन टिर्की डिफेंडर की भूमिका में खेलते हैं। वो टीम के उप कप्तान भी हैं। इसी साल 15 दिसंबर को अपना 18वां जन्मदिन मना चुके टिर्की विपक्षी खिलाड़ियों को रोकने की हर तकनीकी से वाकिफ हैं। ओडिशा के सुंदरगढ़ के रहने वाले टिर्की ने रूस में इस साल की शुरुआत में खेले गए यूरोएशिया कप में भारतीय टीम का नेतृत्व किया था।

विकास दहिया (गोलकीपर)- सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ मजबूत दीवार बने दहिया हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हैं। 21 साल के दहिया को सीनियर टीम में पीआर श्रीजेश का उत्तराधिकारी माना जा रहा है। उन्हें 2015 के जूनियर एशिया कप में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया था।
मनदीप सिंह- अग्रिम पंक्ति में मनदीप सिंह का खेल काफी असरदार रहा है। इस साल की शुरुआत में मनदीप लंदन में चैंपियंस ट्राफी में सीनियर टीम का हिस्सा रहे थे। लेकिन इसके बाद चोटों से वो काफी परेशान रहे और सीनियर टीम से बाहर हो गए। मनदीप का टूर्नामेंट में अब तक का खेल शानदार रहा है। वो तीन बार मैन ऑफ द मैच रहे हैं।

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रमनप्रीत सिंह- ड्रेग फ्लिक में माहिर ये खिलाड़ी हालाँकि अभी तक अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाया है। टूर्नामेंट में हरमनप्रीत की स्टिक से अभी तक सिर्फ़ तीन गोल ही आए हैं। पिछले साल जूनियर एशिया कप के ख़िताबी मुक़ाबले में भारत के लिए डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह ने हैट्रिक सहित चार गोल किए। वैसे पूरे टूर्नामेंट में हरमनप्रीत ने सर्वाधिक 12 गोल किए। वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुने गए।
गुरजंत सिंह- हरियाणा के गुरजंत सिंह टीम में फॉरवर्ड की भूमिका में खेल रहे गुरजंत साथी खिलाड़ियों से गेंद मिलने के साथ विपक्षी टीम के मोर्चे पर धावा बोल देते हैं।

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