भारत को जीत दिला सकते हैं ये लड़ाके

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जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी के ख़िताबी मुक़ाबले में लखनऊ के मेजर ध्यानचंद एस्ट्रोटर्फ़ स्टेडियम में भारत की टक्कर बेल्जियम से होगी। इस महामुक़ाबले के लिए भारतीय टीम रविवार को जब ताकतवर बेल्जियम के सामने होगी तो न केवल दो टीमों का सामना होगा बल्कि एशियाई और यूरोप की हॉकी शैली के बीच भी श्रेष्ठता की जंग होगी। फ़ाइनल मुक़ाबले में मेजबानों की नजर 15 साल के सूखे को खत्म कर एक बार फिर विश्व विजेता बनने पर होगी।

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भारत ने पहली बार 2001 में जूनियर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। आस्ट्रेलिया की मेजबानी में हुए जूनियर हॉकी विश्व कप 2001 के फ़ाइनल में भारतीय टीम ने अर्जेटीना को शिकस्त दी थी।

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हरजीत सिंह (कप्तान)- 20 साल के हरजीत सिंह मिडफ़ील्ड में मोर्चा संभालते हैं। पिछले कुछ समय से जूनियर टीम की सफलता में हरजीत सिंह की प्रमुख भूमिका रही है। पिछले महीने स्पेन में चार देशों के हॉकी टूर्नामेंट में भी उनकी ही अगुवाई में टीम ने फ़ाइनल में जर्मनी को हराकर ख़िताब हासिल किया था। इस साल की शुरुआत में उन्हें हॉकी इंडिया ने साल के उभरते खिलाड़ी के पुरस्कार से नवाज़ा था।

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