कांग्रेस ने सपा की रार को बताया ड्रामा, फिर भी चाहते हैं अखिलेश से गठबंधन

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अखिलेश

सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए धर्म निरपेक्ष पार्टियों को एक साथ आने की जरूरत है। बिहार में भी ऐसा ही हुआ था। कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। क्योंकि इस समय पार्टी को अपनी ताकत दिखानी चाहिए। यह (सपा में पड़ी फूट) कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगी क्योंकि सपा के वोट टूटेंगे और कांग्रेस की झोली में गिरेंगे। खासकर अल्पसंख्यक वोट। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने पहले ही साफ कर दिया कि हम किसी के साथ भी गठबंधन नहीं करने वाले। यह फैसला हमारे वरिष्ठ नेताओं ने लिया है।

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अभी तक पार्टी का फैसला अकेले चुनाव लड़ने का रहा है। चुनाव में अभी वक्त है। परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा। गयादीन अनुरागी (राठ), अजय कुमार (तमकुही) और अनुराग नारायण सिंह (इलाहाबाद) ने कहा कि जो भी पार्टी फैसले लेगी उसी में खुश रहेंगे।

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