जानिए यूपी के सीएम योगी की नाथ परम्परा क्यों है खास

0
4 of 4Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया। योगी आदित्यनाथ ने ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ का गठन किया जो हिन्दू युवाओं को हिन्दुत्ववादी बनने की प्रेरणा देते हैं।

इसे भी पढ़िए :  उत्तर प्रदेश में साधुओं के वेश में हमले की तैयारी में आतंकी

गौरतलब है कि 11 सितंबर 2014 में गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ब्रह्मलीन हुए थे। ब्रम्हलीन महंत की समाधि उनके गुरु महंत दिग्विजय नाथ की समाधि स्थल के पास में बनाई गई। गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने भी अपने गुरु की समाधि मंदिर व मूर्ति के लिए कोई कसर नहीं रखी। मूर्ति बनाने का कार्य गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने 31 जनवरी 2015 को जयपुर के मूर्तिकार को दिया था।

इसे भी पढ़िए :  मायावती ने भी मानी सोशल मीडिया की ताकत, अब ऑनलाइन प्रचार करेगी बीएसपी

मूर्ति मई 2016 में बनकर तैयार हो गई थी और बीते जून माह में गोरखनाथ मंदिर में पहुंच गई है । मूर्ति स्थापना के एक-दो दिन पहले इस मूर्ति को समाधि मंदिर में तय स्थल पर रखकर देखा जाएगा और कोई कमी होगी तो तत्काल दूर कर दिया जाएग।

इसे भी पढ़िए :  छोटी बहू थी अखिलेश के आंख की किरकिरी ?

 

4 of 4Next
Use your ← → (arrow) keys to browse