सपा का संग्राम: सुलह की आखिरी कोशिश भी नाकाम, मुलायम आजम की बैठक रद्द

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

इससे पहले एक जनवरी को मुलायम सिंह यादव ने दो आदेश जारी किए थे। पहले आदेश में उन्होंने सीएम अखिलेश यादव के अधिवेशन को असंवैधानिक करार दिया था। दूसरे लेटर में उन्होंने पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंद को इस अधिवेशन में जाने के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था। कुछ घंटों के अंतराल में जारी हुए इन दो लेटर्स में मुलायम के दस्तखत मेल नहीं खाते। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि इन दोनों में से असली सिग्नेचर कौन सा है? इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि क्या मुलायम की जगह कोई अन्य पार्टी से जुड़े फैसले ले रहा है?

इसे भी पढ़िए :  आज के बाद उत्तराखंड में नहीं होंगी चुनावी रैलियां, ना बजेंगे लाउड स्पीकर, पढ़िए क्यों
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse