अमेरिका और मैक्सिको के बीच हर मिनट 10 लाख डॉलर का कारोबार होता था, लेकिन ट्रंप ने बढ़ा दी तल्खी

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अमेरिका
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार
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अमेरिका और उसके पड़ोसी देश मेक्सिको के बीच रिश्तों के तार बहुत पुराने हैं, लेकिन अब ये रिश्ते तनाव और अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर गए हैं। हालाँकि एक-दूसरे से जुड़ाव का नाता अभी पूरी तरह टूटा नहीं है, लेकिन रिश्तों को चोट ज़रूर पहुँची है। बुधवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के एक कार्यकारी आदेश पर दस्तख़त किए थे। ट्रंप की इस योजना की घोषणा के बाद मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएटो ने 31 मार्च को तय अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है।इस दीवार का खर्च मेक्सिको से वहन करवाना डोनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के प्रमुख वादों में से एक था।

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मेक्सिको और अमेरिका के बीच पिछले तीन दशक में सहयोग बढ़ा है, फिर चाहे वो व्यापार के क्षेत्र में हो या फिर शिक्षा जैसे क्षेत्रों में। लेकिन पहली बार दोनों सरकारों के बीच खिंचाव साफ़ नज़र आ रहा है। मेक्सिको के अधिकतर लोगों को ये लगता है कि अमेरिका उनके लिए ख़तरा है और कई अमरीकी लोग भी ऐसा ही मानते हैं। इस भावना को बदलना मुश्किल है।

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इस दीवार का सबसे बड़ा असर ये होगा कि हर दिन अमेरिका में दाखिल होनो की कोशिश करने वाले हज़ारों मेक्सिकोवासियों पर अंकुश लगेगा। हालाँकि मेक्सिको से लगी सीमा पर बाड़ लगाना कोई नया काम नहीं है। करीब 1050 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगा दी गई है और इससे आप्रवासियों के लिए अमेरिका में दाखिल होना किसी जोखिम से कम नहीं है।

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