आतंकी घोषित नहीं हो सका मसूद अजहर, फिर चीन बना राह में रोड़ा

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इसी साल 31 मार्च को चीन ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड अजहर को आतंकवाद घोषित कराने के कदम पर रोक लगा दी थी। सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य होने की वजह से चीन को वीटो का अधिकार हासिल है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में चीन इकलौता देश रहा जिसने भारत के आवेदन का विरोध किया, जबकि 14 अन्य देशों ने भारत की कोशिश का समर्थन किया।

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1,267 समिति की सूची में अजहर का नाम शामिल हो जाने से उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी। आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘1,267 समिति’ ही आतंकवादियों और आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करती है। अक्टूबर 1999 में सुरक्षा परिषद ने 1,267 रेजॉलूशन पास किया था जिसके तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी घोषित कर उसके और अलकायता पर प्रतिबंध लगाया था।

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