भारत-मलेशिया ने मिलकर पाकिस्तान और चीन को चेताया!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता पर जोर दिया। दोनों देशों के संयुक्त बयान में चीन के अलावा पाकिस्तान के लिए भी कड़ा संदेश था। दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरवाद पर भी चर्चा की। मलयेशिया ने भारत के इस रुख का समर्थन किया कि देशों को आतंकवाद को फंड देने का आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए।

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बयान में कहा गया, ‘दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ इतनी नहीं होनी चाहिए कि आतंकवादी संगठनों का खात्मा किया जाए, बल्कि ऐसे देशों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है जो अपने देश की जमीन को आतंकवाद फैलाने के लिए इस्तेमाल होने देते हैं। आतंकवादियों को शहीद कहकर उनका महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए।’ जाहिर है कि पाकिस्तान के लिए यह कड़ा संदेश है।

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इसके अलावा दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए मेलशिया ने भारतीयों के लिए वीजा फीस माफ करने का भी ऐलान किया है और वीजा हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही है। नजीब ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि और अधिक संख्या में भारतीय मलेशिया की यात्रा करें और मैंने प्रधानमंत्री को जानकारी दी है कि हमने भारतीयों के लिए 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन वीजा आवेदन को मंजूरी देने और भारतीय नागरिकों को एक बार वीजा मिलने पर कई बार मलेशिया आने की मंजूरी देने का फैसला किया है।’

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