मोसुल से ISIS को भगाया जाना भारत के लिए चिंताजनक, पढ़िए क्यों

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के कब्जे से मोसुल को मुक्त कराने के अभियान में अब तक 25 कुर्द लड़ाके मारे जा चुके हैं। इस शहर से आतंकियों को खदेड़ने का इराकी सेना और कुर्द बल का अभियान 17 अक्टूबर से चल रहा है। इसमें उन्हें अमेरिकी गठबंधन की ओर से भी मदद मिल रही है। कुर्द बलों ने रविवार को बताया कि अभियान शुरू किए जाने से अब तक उसके 25 लड़ाकों की मौत हो चुकी है। हालांकि इराकी सेना ने अभी अपने सैनिकों के मारे जाने की कोई संख्या नहीं बताई है। जबकि बाशीका के पास बम धमाके में एक अमेरिकी सैनिक की भी मौत हो गई। इराकी और कुर्द बलों ने अमेरिकी गठबंधन से हवाई हमले तेज करने के साथ ही बख्तरबंद वाहनों और बम डिटेक्टरों की मांग की है। आइएस आतंकियों ने सैन्य बलों को मोसुल की ओर बढ़ने से रोकने के लिए जगह-जगह बाधाएं खड़ी कर रखी हैं। उन्होंने माइन बिछाने के साथ ही कई जगहों पर आग लगा दी है। आतंकियों ने सैन्य अभियान में रुकावट पैदा करने के लिए एक सल्फर संयंत्र को भी आग के हवाले कर दिया है। इस जहरीले धुंए से कई लोगों के मरने की भी खबर है।मोसुल के दक्षिण में क्वाराह में स्थित सल्फर प्लांट में कार्रवाई से बौखलाए आइएस आतंकियों द्वारा लगाई गई आग।

इसे भी पढ़िए :  स्वीडन में लोगों का सेक्स से हो रहा है ‘मोहभंग’, सरकार चिंतित
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse