अमेरिका के ‘बमों की मां’ से 4 गुना बड़ा है रूस का ये बम, जानिए क्यों कहा जाता है ‘सभी बमों का बाप’?

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अमेरिका ने आतंकी संगठन IS को निशाना बनाते हुए गुरुवार को इसके अफगानिस्तान स्थित ठिकानों पर सबसे बड़े गैर-परमाणु बम गिराया। मैसिव ऑर्डनंस एयर ब्लास्ट (MOAB) नाम के इस बम को ‘सभी बमों की मां’ के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन यह बम भी दुनिया में सबसे बड़ा बम नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तबाही मचाने के लिए रूस के पास इसका भी ‘बाप’ मौजूद है।

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दरअसल अमेरिका द्वारा MOAB बम बनाए जाने के बाद रूस ने साल 2007 में ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’ बनाया था। इसका असली नाम ‘रशियाज़ एविएशन थर्मोबैरिक बॉम’ (FOAB) था। रिपोर्ट के मुताबिक सभी बमों का यह ‘बाप’, ‘सभी बमों की मां’ से चार गुना ज्यादा बड़ा और ताकतवर है। साल 2007 में रूस ने इसका परीक्षण किया था। इस परीक्षण में हुए धमाके की ताकत 44 टन टीएनटी विस्फोटकों के बराबर थी जिससे एक हजार फीट का इलाका प्रभावित हुआ था। इस जानलेवा हथियार को बीच हवा में ब्लास्ट किया जाता है जिससे आग फैल जाती है। इसके धमाके का असर इतना जबर्दस्त होता है कि टारगेट भाप की तरह उड़ जाता है और निर्माण ढांचे ढह जाते हैं। यह बम इतना ताकतवर है कि इसकी तुलना न्यूक्लियर हथियारों से हो सकती है।

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