हिंदुओ के देश में राम के जन्मस्थान पर मंदिर बनना चाहिए: मोहन भागवत

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मोहन भागवत

दिल्ली

उत्तरप्रेदश में चुनाव और रामंदिर का मुद्दा दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। हालांकि भाजपा और आरएसएस दोनों ने आगामी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे को ऊपरी तौर पर दूरी बना रखी है। लेकिन अंदर ही अंदर वो यूपी की जनता को यह जताना नहीं भूलते की राम मंदिर का निर्माण तो करवाना चाहते हैं लेकिन राजनीति के कारण ऐसा नहीं हो रहा है।

अब यही बात संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही है। भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर बनने में देरी के लिए राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम में धर्म की वजह से नहीं बल्कि राजनीतिक का वजह स अभी तक राम मंदिर नही बन पाया है।

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आगे मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दुओं के लिए राम जैसा कोई दूसरा नहीं है इसलिए अगर राजनीति बीच से हट जाए तो राम मंदिर बनने में कोई समस्या नहीं है। संघ प्रमुख ने ये बातें महाराष्ट्र के संत गुलाबराव जी महाराज के जीवन शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
राम मंदिर को लेकर आरएसएस की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस मौके पर  भागवत ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर की जगह पर विश्वधर्मी मानवता भवन बनाने की मांग की गई थी। भागवत ने कहा कि हिंदुओ के देश में राम के जन्मभूमि पर मंदिर बनना चाहिए। इसमें किसी धर्म को नीचा दिखाने वाली बात नहीं है। हिंदु-मुस्लिम कभी धर्म के आधार पर कलह नहीं करते हैं। ये कलह सिर्फ राजनीतिक कारणों से है़। ये राजनीति बीच से हट जाए तो कोई समस्या नहीं है। राम सबके थे, है और रहेंगे। हिंदुओ के सामने दूसरा नहीं।

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उन्होंने ये भी कहा कि जो भारत में रहता है वो हिंदू है भले उसकी पूजा पद्धति, खान पान, रहन-सहन कैसा भी हो। भागवत ने कहा कि चूंकि भारत का नाम हिंदुस्थान है, लिहाजा यहां रहने वाले सभी हिंदू और भारत मां के पुत्र है और उनकी प्रतिष्ठा इस देश से जुड़ी है। भागवत ने ये भी कहा कि हिंदुओ को कर्मशक्ति दिखाने का वक्त आ गया है, क्योंकि परिस्थिति अभी अनुकूल हैं. भले हम किसी को दुश्मन न माने लेकिन दुनिया दुष्ट है।

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संघ प्रमुख ने चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ हिंदू गर्व से कहते है कि वो हिंदू हैं पर कुछ खुद को हिंदू कहने में झिझकते हैं। ऐसे हिंदुओं की शंका दूर करने के लिए बाकी हिंदुओं को खड़ा होना पड़ेगा। इस मौके पर रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा कि मोहन भागवत को पीएम नरेंद्र मोदी को आदेश देना चाहिए कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाए। अगर इसके लिए जरुरत हो तो संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाए। मंदिर बनेगा तो भारत का गर्व बढ़ेगा।