भारत को मिलने वाला है ऐसा हथियार जो चीन को चकरा देगा, पढ़िए पूरी ख़बर

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मिसाइल
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फ्रांस से जल्द ही राफेल विमान की खरीद का समझौता आधिकारिक तौर पर पूरा होने की उम्मीद है। इस सौदे के तहत भारत को फ्रांस हवा से हवा में मार करने वाली विश्व की आधुनिक मिसाइल मीटीअर भी देगा।

भारत को सौदे के तहत मिलने वाले विमान इस मिसाइल प्रणाली से लैसे होंगे। ये मिसाइले दुश्मनों के एयरक्राफ्ट और 100 किमी दूर स्थिति क्रूज मिसाइलो को ध्वस्त करने में सक्षम है। इस तरह की तकनीक वाले हथियार को अपने बेड़े में शामिल कर लेने से भारत की स्थिति दक्षिण एशिया में और मजबूत हो जाएगी। पाकिस्तान और यहां तक कि चीन के पास भी इस श्रेणी की मिसाइल नहीं है।

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मीटीअर के समान मात्र एक अन्य मिसाइल एआईएम-120डी है जो कि हवा से हवा में मार करने वाली अमेरिका द्वारा निर्मित मध्यम श्रेणी की मिसाइल है जिसे 100 किमी से अधिक दूर के निशाने को भेदने के लिए बनाया गया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि मीटीअर अपने रैमजेट इंजन के चलते अधिक घातक मिसाइल है।

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पारंपरिक ठोस-ईंधन बूस्टर लॉन्च के बाद हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के समान मीटीअर को एक्सेलरेट करता है लेकिन हवा में यह एक पैराशूट को खोलती है जिससे हवा इंजन में समा जाती है। इसकी बदौलत ऑक्सीजन गर्म हो जाती है और यह सुपरसोनिक मिसाइल ध्वनि से चार गुना तेजी से आगे बढ़ती है।

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इस मिसाइल का निर्माण करने वाले यूरोपीय फर्म एमबीडीए के इंजीनियरों ने कथित तौर पर दावा किया है मीटीअर में नो एस्केप जोन है जो कि एआईएम-120डी एएमआरएएएम मिसाइल से तीन गुना बड़ा है। वार इज बोरिंग के अनुसार, नो एस्केप जोन हवाई-युद्ध से जुड़ा एक टर्म है जिसका इस्तेमाल मिसाइल की क्षमता द्वारा निर्धारित किए गए एक शंकुआकार क्षेत्र के लिए किया जाता है, जहां से लक्षित एयरक्राफ्ट निशाने से बच नहीं सकता।

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