सिंधु नदी समझौते पर पाक की दादागिरी, कहा: समझौते को एकतरफा रद्द नहीं कर सकता भारत

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सिंधु जल समझौता

 

दिल्ली: सिंधु नदी भले ही भारत से निकलती हो लेकिन लगता है कि पाकिस्तान इस सच को मानता ही नहीं है। उरी हमले के बाद जब भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने की चेतावनी पाकिस्तान को दी, तब पहले पाकिस्तान तो घबरा कर यूएन गया लेकिन अब दादागिरी दिखा रहा है। पाकिस्तान ने कहा है कि भारत सिंधु जल समझौते को एकतरफा तोड़ नहीं सकता क्योंकि दोनों के लिए यह बाध्यकारी है और इससे निकलने का प्रावधान इसमें नहीं है ।

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विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, ‘‘सिंधु जल समझौता (आईडब्ल्यूटी) कालातीत नहीं है और समय या घटना प्रधान नहीं है। यह भारत और पाकिस्तान दोनों पर बाध्यकारी है और बाहर निकलने का प्रावधान नहीं है । ’’ जकरिया ने कहा कि आईडब्ल्यूटी के अनुच्छेद बारह के उपबंध तीन और चार के मुताबिक समझौते से एकतरफा फेरबदल नहीं हो सकता या रद्द नहीं हो सकता ।

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दोनों देशों के बीच गहराते तनाव के बीच भारत के समझौता रद्द करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भारतीय दावों का संज्ञान लेना चाहिए जो कि समझौते के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं और प्रतिज्ञा का उल्लंघन है। ’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हालात पर करीब से नजर रखे हुए है और उसी के हिसाब से प्रतिक्रिया देगा ।

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तिब्बत में ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी को चीन के बाधित करने के एक सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि वह इससे अवगत नहीं हैं । उन्होंने कहा, ‘‘हमने खबरें देखी है । आप ज्यादा विवरण के लिए चीन सरकार से संपर्क कर सकते हैं । ’’