‘मौत की सजा’ पर रोक वाले UN के प्रस्ताव का भारत ने किया विरोध

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प्रतिकात्मक फोटो।

नई दिल्ली। भारत ‘मौत की सजा’ की प्रक्रिया को बरकरार रखना चाहता है। जी हां, मौत की सजा पर रोक संबंधी संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव का विरोध करते हुए भारत ने कहा है कि यह भारतीय वैधानिक कानून तथा अपना कानूनी तंत्र रखने के हर देश के संप्रभु अधिकार के विपरीत है।

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हालांकि उसने उस संशोधन का समर्थन जरूर किया है, जिसमें घरेलू विधि व्यवस्था विकसित करने के संप्रभु अधिकार की बात की गई है। भारत के प्रतिनिधि मयंक जोशी ने कहा कि हर देश के पास अपनी खुद की कानूनी व्यवस्था को मान्यता देने का अधिकार है, इसी वजह से उन्होंने संशोधन के लिए मतदान किया है।

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दूसरी तरफ, भारत के संयुक्त राष्ट्रपति मिशन में काउंसलर ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है ‘क्योंकि यह भारत के वैधानिक कानून के खिलाफ है।’ इन मुद्दों पर अपना रूख स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि ‘हमारे देश में मौत की सजा ऐसे दुलर्भतम मामलों में दी जाती है, इस प्रस्ताव के संशोधन के पक्ष में 76 मत पड़े, जबकि विरोध में 72 देशों ने मतदान किया।

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