‘रिजर्व बैंक की सलाह पर लिया गया था नोटबंदी का फैसला’

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500 और 1000 के नोट को अमान्य करने के केंद्र सरकार के निर्णय को लेकर लोगों को हो रही दिक्कतों के चलते हर और सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा हैं। उधर नोटबंदी के विरोध में विपक्ष भी एकजुट होकर 28 नवंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। संसद में शीतकालीन सत्र की कार्यवाही भी इस कारण नहीं हो पा रही। आठ दिन से संसद में हंगामे के अलावा कोई काम नहीं हुआ है। विपक्षी दल लगातार पीएम मोदी को संसद में आकर बहस करने की चुनौती दे रहे हैं।

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जनसत्ता की खबर के मुताबिक, कानून और आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का फैसला सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सलाह पर लिया था। रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘यह विमुद्रीकरण नहीं है। इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। सरकार ने नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सिफारिश पर लिया जो चाहता था कि 500 और 1000 रुपए के नोट लीगल टेंडर ना रहें।’

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रविशंकर ने आगे कहा कि सरकार ने 500 और 1000 के नोट भले ही बंद किए लेकिन कई जरूरी जगहों पर नोट को चलाने की इजाजत भी दी। भारत ईमानदारी और पारदर्शिता की तरफ बढ़ रहा है। यह हमारा कर्तव्य है कि भारत को भ्रष्टाचार मुक्त करके उसे बाहर लाया जाए। इसके साथ ही प्रसाद ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने मनरेगा और बाकी सब्सडी को डायरेक्ट अकाउंट में ट्रांसफर करने की सुविधा करके 36 हजार करोड़ रुपए बचाए हैं।

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