नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का हमला जारी है। ताजा हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि नोटबंदी का फैसला लेने के पीछे चार मकसद थे- भ्रष्टाचार, नकली नोट, आतंकवाद और काला धन। लेकिन इस योजना ने इनमें से किसी का भी हल नहीं निकाला है। बल्कि भ्रष्टाचार 10 फीसद तक बढ़ गया है।
आप नेता ने दावा किया कि अब 2,000 के नए नोटों में रिश्वत दी जा रही है। काले धन का उत्पादन हो रहा है। यहां तक कि 2,000 के नए नोटों को ब्लैक में बेचा भी जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा ने अपना पैसा ठिकाने लगा दिया। बिहार में बड़े पैमाने पर भाजपा ने जमीन खरीदी।
केजरीवाल ने कहा कि कालाधन पर रोक लगाने की बात की गई थी। हम पूछना चाहते हैं कि आठ लाख करोड़ में कितना कालाधन है। हमारी जानकारी में एक भी पैसा कालाधन नहीं आया। ये सब लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा है। नकली नोट कम होने की बात की गई थी, लेकिन वो भी कम नहीं हुई।
पीएम मोदी की आलोचना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर सही मायनों में काले धन के संकट से निपटना है, तो सभी राजनैतिक दलों को सूचना के अधिकार के क्षेत्र में लाना होगा। उन्होंने सलाह दी कि एक कानून बनाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राजनैतिक पार्टियों को मिलने वाला चंदा नकद में ना दिया जाए।