6 सालों में पुलिस हिरासत में हुई 600 से ज्यादा मौतें, इसके लिए कोई पुलिसवाला दोषी नहीं

0
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

दिल्ली, मानवाधिकार संस्था ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि साल 2009 से 2015 के बीच भारत में पुलिस हिरासत में तकरीबन 600 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इन मौतों में किसी भी पुलिसवाले को दोषी नहीं पाया गया है।

इसे भी पढ़िए :  राखी का दावा, 'कंदील के भाई ने मर्डर से पहले किया होगा रेप'

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है। संस्था ने 114 पन्ने की यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान हिरासत में किसी भी कैदी की मौत के लिए एक भी पुलिसवाले को दोषी करार नहीं दिया गया है।

इसे भी पढ़िए :  आखिर क्यों उस शख्स ने किया था महिला पर 24 बार चाकू से वार, पढ़िए पूरी खबर

हिरासत में होने वाली मौतों के लिए पुलिस ने बीमारी, भागने की कोशिश, खुदकुशी और दुर्घटना को जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों की मानें तो इनमें से ज्यादातर मौतें हिरासत में प्रताड़ना की वजह से होती हैं।

इसे भी पढ़िए :  पीएम की सभा में महिला का जबरदस्त हंगामा, मोदी के खिलाफ नारेबाजी

हालांकि सरकार ने हमेशा ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ताज़ा रिपोर्ट में 2009 से 2015 के दरमियां ‘हिरासत में हुई मौत’ के 17 मामलों की ‘गहन पड़ताल’ का दावा किया गया है।

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse