‘लोगों में व्यवहारगत बदलाव लाने के लिए लिया गया था नोटबंदी का फैसला’

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वेंकैया नायडू
फाइल फोटो।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने रविवार(1 जनवरी) को कहा है कि नोटबंदी का मकसद लोगों में व्यवहारगत बदलाव लाना था, जैसा कि पिछले ढाई साल के कार्यकाल में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान सहित अहम फैसलों के जरिये करने का प्रयास किया है।

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नायडू ने कहा कि लोगों की ‘मानसिकता में परिवर्तन’ और बदलाव लाना मोदी का मिशन है। उन्होंने कहा कि अगर आप बीते ढाई साल के अहम पहलों को देखें तो मानसिकता में बदलाव लाने की उत्कंठा साफ झलकती है। मोदीजी चाहते हैं कि लोग सोचें और अलग तरीके से काम करें।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान क्या है? मूल रूप से यह नागरिकों को कोई भी कचरा खुले में फेंकने से पहले सोचने के लिए कहता है। उन्होंने कहा बड़े नोटों को बैन करने का उद्देश्य भी पैसे के प्रति हमारी सोच और नकद खर्च करने के तरीके के प्रति नजरिये में बदलाव लाना है। यह एक अहम व्यवहारगत परिवर्तन परियोजना है। नोटबंदी से लोगों में व्यवहारगत बदलाव लाना है।

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