सरकार के इस नए नियम से मीट कारोबारियों में हड़कंप

0
मीट
सांकेतिक तस्वीर
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

यूपी में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच मीट का कारोबार करना आने वाले वक्त में काफी मुश्किल होने जा रहा है। इस संबंध में जारी प्रशासन की ताजा गाइडलाइंस से मीट कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। मीट को इंसुलेटेड फ्रीजर वैन में ढोना, मीट कारोबार से जुड़े सभी वर्करों का अनिवार्य हेल्थ सर्टिफिकेट, मीट की दुकानों की धार्मिक स्थलों और सब्जी की दुकानों पर पर्याप्त दूरी, ऐसे कई मानक हैं, जिनकी जानकारी हाल ही में यूपी सरकार ने मीट दुकानदारों को भेजी है। सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, इन दुकानों को बहुत सारा कागजी काम भी निपटाना होगा। कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि मीट बेचने के लिए जरूरी ढांचागत सुविधाओं की लिस्ट इतनी लंबी-चौड़ी है कि अधिकतर दुकानों के लिए इसका पालन मुमकिन नहीं और वे स्थाई तौर पर बंद हो जाएंगे।

इसे भी पढ़िए :  बदला शिक्षा का स्वरूप, अब पढ़ाई पर होगा कुल GDP का 6 फीसदी खर्च

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यूपी में मीट बेचने से जुड़े नियम-कायदों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। एक सीनियर अफसर ने कहा, ‘नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी आदेशों का सख्ती से पालन हो रहा है। अभी तक यह कारोबार बिना नियम-कायदों के चल रहा था। हमने तो बस स्थापित कानूनों का पालन करवा रहे हैं।’

इसे भी पढ़िए :  बूचड़खानों पर मेहरबान हुई बीजेपी सरकार, तीन साल में दी 68 करोड़ रुपये की सब्सिडी
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse