बुलंदशहर रेप केस : अब अपने ही घर में कैद हुआ परिवार

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प्रतीकात्मत्क तस्वीर

-अधिकारी बना रहे हैं लखनऊ जाने का दबाव
– एक छुटभैये नेता ने की अकेले में बात, उसके बाद से डरा सहमा है परिवार !

गाजियाबाद : हाइवे के हैवानों का शिकार बने परिवार पर नई मुसीबत आ पड़ी है। रायफलधारी और बाउंसरों ने घर को इस तरह घेर लिया है कि परिवार के सदस्य अपने को बंधक महसूस करने लगे हैं। पीड़िता के परिजनों पर लखनऊ चलने का दबाव बनाने के लिए नीली बत्ती वाली गाड़ियां भी रात के अंधेरे में पहुंच रही हैं। बेजा दबाव से परेशान परिवार के सदस्य अपने ही घर में आजादी के लिए छटपटा रहे हैं।

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बुलंदशहर कांड के पीड़िता के घर पर बुधवार को राजनीति की बेशर्म दबंगई खुले आम दिखी। एक अखबार की खबर के मुताबिक जो भी परिजनों से मिलने पहुंचा उसे सफेद कुर्ताधारियों के बाउंसरों से इजाजत लेनी पड़ी। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि कई रिश्तेदारों को भी नेताओं के बाउंसरों ने मिलने नहीं दिया। एक स्थानीय नेता अपने साथ गाजियाबाद के नेता को लेकर आए और किचन में जाकर महिलाओं से अलग बात की। उनकी बातचीत के बाद से ही महिलाएं काफी सहमी हैं। नेताओं के अलावा नीली बत्ती वाले दो अधिकारी भी रात के अंधेरे में मुंह पर कपड़ा ढंक कर बारी – बारी आए और लखनऊ चलने की जिद करते रहे। पुलिस के अधिकारियों के निराश लौटने के बाद अब सुबह से नेताओं के बाउंसरों ने डेरा डाल रखा है। परिवार के एक सदस्य ने दैनिक जागरण से कहा कि जो भी आ रहा है लखनऊ चलने की जिद कर रहा है जबकि अभी तक इंसाफ होता कहीं दिख नहीं रहा है। ऐसे में लखनऊ जाने से क्या होगा?

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अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल कुछ अधिकारियों के साथ एंबुलेंस से देर रात करीब दस बजे पीड़ित परिवार के घर पहुंची। बताया जाता है कि अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों की फोटो मांगी है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पीड़ित परिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलाने की तैयारी हो रही है।

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