कहीं न कहीं दैवीय कृपा तो है, वरना यह संभव नहीं होता : निर्मला सीतारमण

0
कहीं न कहीं दैवीय कृपा तो है, वरना यह संभव नहीं होता

रक्षा मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालय संभालने जा रहीं निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर अपने प्रमोशन का श्रेय ‘दैवीय कृपा’ और पार्टी नेतृत्व को दिया है। आपको बता दें कि, नरेंद्र मोदी सरकार में हुए बड़े फेरबदल के बाद सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया गया है। वह अभी तक वाणिज्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थीं। वह उन चार मंत्रियों में शामिल है, जिन्हें प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

इसे भी पढ़िए :  16 साल बाद इस एयरबेस पर जाने वाली पहली रक्षामंत्री बनीं निर्मला सीतारमण

शपथ ग्रहण करने के बाद निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, ‘कोई ऐसा शख्स, जो छोटे शहर से आया हो, पार्टी नेतृत्व के समर्थन से आगे बढ़ा हो और यदि उसे ऐसी जिम्मेदारी दी जाती है, तो कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि कहीं न कहीं दैवीय कृपा तो है, वरना यह संभव नहीं होता।’

इसे भी पढ़िए :  चुनाव आयोग ने रक्षा मंत्री पर्रिकर को लगाई फटकार, भविष्य में सीमा में रहकर भाषण देने की दी हिदायत

जब उनसे वाणिज्य मंत्री के तौर पर उनके कामकाज की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, न तो मुझे आलोचनाओं से परहेज है और न ही मैं इससे डरती है। उन्होंने कहा, ‘हर आलोचना एक संदेश है और हमें उससे सीखना होता है।

इसे भी पढ़िए :  अमरनाथ: एक हफ्ते में एक लाख के पार पहुंची भक्तों की संख्या

Click here to read more>>
Source: ndtv india