अब इस एप के जरिये ट्रक और टेम्पो भी मिलेंगे भाड़े पर!

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गोयल ने कहा कि दो साल पहले देश की आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) राजधानी बेंगलुरू से शुरू किए गए इस उद्यम में बेंगलुरू दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई में 3,000 से अधिक एलसीवी आॅपरेटर जुड़ चुके हैं। हमारा लक्ष्य इस संख्या को निकट भविष्य में 50,000 तक पहुंचाना है।

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उन्होंने कहा, पोर्टर उन्हें एक आॅनलाइन मंच मुहैया कराता है जहां ग्राहक और वाहन मालिक आपस में एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। वाहनों में जीपीएस प्रणाली लगे होने से ग्राहक को उनकी वास्तिविक स्थिति का पता चलता रहता है। इसी तरह कोई वाहन किसी स्थान पर सामान की आपूर्ति करने गया है तो लौटते समय उसे उस स्थान से ढुलाई का आॅर्डर मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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