भारत ने चीनी समान की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अपनाया ये तरीका

0
चीनी समान
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

भारत में चीनी समान की बिक्री पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नया रास्ता अपनाया है। अनुमान है कि भारत चीनी समान पर ड्यूटी फीस में छूट देने में देरी और कटौती कर सकता है। ऐसा चीन के साथ व्‍यापार में कमी के चलते किया जा सकता है। हालांकि अभी तक ऐसा तय नहीं किया गया है कि कौनसे सामान पर छूट कम की जाएगी। लेकिन बताया जाता है कि एक नेगेटिव लिस्‍ट बनाई जाएगी और इसमें शामिल वस्‍तुओं पर सीमित या ना के बराबर छूट दी जाएगी। वाणिज्‍य मंत्री निर्मला सीतारमण फिलीपींस में तीन-चार नवंबर को रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकॉनॉमिक पार्टनरशिप(आरसीईपी) की मंत्री लेवल की बैठक में इस पर बातचीत कर सकती हैं। वाणिज्‍य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार चीन का व्‍यापार दायरा काफी बड़ा है। जापान भी इससे चिंतित है। जहां तक भारत की बात है तो सभी जानते हैं कि चीन सबसे बड़ी समस्‍या हैं।

इसे भी पढ़िए :  मंत्रिमंडल में फेरबदल से उद्योग जगत उत्साहित:एसोचैम

सरकार का यह नया कदम चीन के साथ बढ़ते व्‍यापार दायरे को पाटने के लिए उठाया गया है। साल 2015-16 में भारत ने चीन में 9 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था। जबकि उसका चीन से आयात 61.7 बिलियन डॉलर का था। इस तरह से भारत के निर्यात और आयात का अंतर 52.7 बिलियन डॉल रहा। अधिकारियों के अनुसार कुछ सामानों की नेगेटिव लिस्‍ट बनाई जाएगी। अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है लेकिन विचार चल रहा है। भारत में ड्यूटी रेट की तीन स्‍तरीय ढांचा है और सरकार इसे दुरुस्‍त करना चाहती है। लेकिन चीन के साथ व्‍यापार के दायरे को पाटने के लिए उसके पास यही उम्‍मीद की किरण है।

इसे भी पढ़िए :  बाबा रामदेव बोले, चीनी प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार कर दें तो नाक रगड़ने पर मजबूर होगा चीन

अगली स्लाइड में पढ़ें कोन कोन से देशों के बीच होगा समझोता।

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse