सेकंड टर्म के लिए तैयार थे रघुराम राजन लेकिन….

0
राजन

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन के सेकंड टर्म को लेकर मचे बवाल और उनके द्वारा दूसरा कार्यकाल नहीं लेने की घोषणा के बाद राजन ने इस मुद्दे पर एक बार फिर अपनी बात रखी है। राजन ने अपने ऊपर होने वाले राजनैतिक हमलों को काफी घटिया बताते हुए बुधवार को कहा कि बतौर गवर्नर वह और ज्यादा वक्त तक सेवा देना चाहते थे ताकि अधूरे पड़े कामों को पूरा किया जा सके।

इसके साथ ही राजन ने यह भी कहा कि वह काफी खुशी-खुशी अपनी कुर्सी छोड़ रहे हैं। बता दें कि राजन अगले महीने गवर्नर पद से रिटायर होने वाले हैं। राजन ने कहा कि वह और ज्यादा वक्त तक गवर्नर पद पर रहना चाहते थे लेकिन सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। चंद महीनों पहले ही राजन ने कहा था कि वह दूसरा टर्म नहीं चाहते हैं।

इसे भी पढ़िए :  Amazon बना नंबर.1, Flipkart को पछाड़ा

बता दें कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यनन स्वानमी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से राजन पर हमला कर चुके हैं। अपने ऊपर होने वाले इस तरह के हमलों के बारे में राजन ने कहा, ‘इस तरह के कुछ हालिया हमले काफी घटिया थे। इनका मकसद मेरे ऊपर दोषारोपण करना था। इन हमलों का कोई आधार नहीं था।’ राजन ने कहा कि इसीलिए उन्हों ने इन बातों पर बिल्कुल भी ध्याहन नहीं दिया।

इसे भी पढ़िए :  जानिए कैसे एयरटेल, आइडिया को 13,800 करोड़ रुपये का पड़ा मुकेश अंबानी का 45 मिनट का भाषण?

राजन ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा अपनी पुनर्नियुक्ति या भविष्य। के करिअर को लेकर उन्होंने कभी भी चिंता नहीं की और देशहित में उन्होंने वह सब कुछ किया जो वह कर सकते थे। राजन ने कहा कि बतौर टीम प्लेयर उन्होंने श्रेष्ठ भूमिका निभाई है।

इसे भी पढ़िए :  कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकार को लगा 37 करोड़ रूपए का चुना, नए नोटों पर छाप दिये पुराने गवर्नर के हस्ताक्षर

राजन पर सबसे तीखा हमला सुब्रमण्यन स्वामी द्वारा किया जा चुका है। स्वामी ने तो यहां तक कह दिया था कि राजन दिमागी रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और उन्होंने गोपनीय और संवेदनशील जानकारियों को दूसरे देशों के साथ साझा किया है।