रतन टाटा ने चली ये चाल, चित्त हुए मिस्त्री

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रतन टाटा
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मुंबई: रतन टाटा ने मंगलवार को टाटा संस के बोर्ड में दो नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति कर टाटा ग्रुप पर अपना कंट्रोल और मजबूत कर लिया है। उन्होंने सायरस मिस्त्री की ओर से हर तरह की कानूनी चुनौती से निपटने के कदम भी उठाए। वहीं सोमवार को चेयरमैन पद से हटाए गए मिस्त्री ने अपने अगले कदम के बारे में कोई संकेत नहीं दिया। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में टीसीएस के सीईओ एन चंद्रशेखरन और जगुआर लैंड रोवर के सीईओ राल्फ स्पेथ को डायरेक्टर बनाया गया।

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रतन टाटा ने मंगलवार सुबह ग्रुप कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टरों और चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर्स के साथ मीटिंग की ताकि इस ग्रुप के पावर स्ट्रक्चर को वह अपने मुताबिक दिशा दे सकें। सूत्रों के मुताबिक, टाटा ने विभिन्न कंपनियों के प्रमुखों से वृद्धि और मुनाफे पर जोर देने के साथ शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा। टाटा ने कहा कि ग्रुप की कंपनियों के मौजूदा कार्यकलाप का मूल्यांकन किया जा रहा है जो जरूरी समझे जाएंगे, उन्हें जारी रखा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि समूचे सिस्टम की ओवरहॉलिंग की जा सकती है। मिस्त्री ने करीब 4 साल के अपने कार्यकाल में ग्रुप में कई बदलाव किए थे और इस 150 साल पुराने ग्रुप का कर्ज घटाने के साथ उन्होंने इसका फोकस कन्ज्यूमर पर बढ़ाया था।
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