बड़ी-बड़ी कंपनियों को पछाड़कर, इस टॉफी के नमकीन स्वाद ने मचाई धूम, 2 साल में कमाए 300 करोड़

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टॉफी

बच्चों और बड़ों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई खट्टी-मीठी पल्स टॉफी ने बाजार में अपने टेस्ट से अलग जगह बनाई है। अब पल्स कैंडी ने बिजनेस में भी सबको पीछे छोड़ते हुए कमाई के मामले में नए आयाम स्थापित किए है।

पल्स कैंडी बनाने वाली कंपनी ने बीते महीने 300 करोड़ रूपए की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया। पल्स ने एमएनसी ब्लू चिप मंची ब्रैंडों जैसे कि ओरियो (283 करोड़ की बिक्री, 2011 में लॉन्च) और मार्स बार्स (270 करोड़ की बिक्री, 2011 में लॉन्च) को पछाड़ा है।

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भारतीय मार्केट में बैठी दिग्गज विदेशी प्रोडक्ट ओरियो बिस्कुट देश में 2011 में लांच की गई थी। इस बिस्कुट ने अभी तक महज 283 करोड़ रुपये की सेल की है। इसके अलावा विदेश चॉकलेट ब्रांड मार्स भी देश में 2011 में लांच के बाद से महज 270 करोड़ रुपये सेल में बटोर पाई।

वहीं पल्स ने बड़े एमएनसी ब्रांड कोका कोला के कोक जीरो को बहुत पीछे छोड़ दिया है। 2014 के अंत में लांच हुई कोक जीरो अभीतक सेल में महज 120 करोड़ रुपये बटोर पाई है।

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पल्स कैंडी की इस शानदार आय से साफ है कि वह मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद एक बड़े ब्रांड के तौर पर सामने आई है।

पल्स कैंडी को रजनीगंधा और कैच मिनरल वॉटर बनाने वाली डीएस ग्रुप ने 2015 के मध्य में लांच किया था। अपने पहले वित्त वर्ष के कारोबार में पल्स कैंडी ने 100 करोड़ की सेल कर तहलका मचा दिया था।

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डीएस ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शशांक सुराना का कहना है कि पल्स ने अपने टेस्ट की वजह के लोगों की पसंद बनती जा रही है। अब हम इसे सिंगापुर, यूनाइडेट किंगडम और अमेरिका स्टोर्स में भी बेचने की तैयारी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पल्स कैंडी का मुंह में रखते है ही खट्टा-मीठा टेस्ट आता है कैंडी को तोड़ते ही उसमें से एक मसाला निकलता है जिसमें जलजीरे और खट्टे-मीठे का स्वाद आता है।