माहवारी के कारण घर के बाहर झोपड़ी में सोई नाबालिग, मौत

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नेपाल के कई समुदायों की यह मान्यता है कि अगर माहवारी में महिला को अलग नहीं रखा गया तो लोगों को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ सकता है। यहां माहवारी के दौरान लड़कियों और महिलाओं को रोज़मर्रा की ज़रूरत का खाना नहीं दिया जाता, यहां तक कि दूध पीने की भी मनाही होती है। कई बार तो महिलाओं को जानवरों के बाड़े में भी रखा जाता है जहां पशुओं के गोबर के बीच इन लड़कियों और महिलाओं को दिन काटने पड़ते हैं।

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हालांकि 2005 में नेपाल सरकार ने इस पर रोक लगाई थी लेकिन अब भी पश्चिमी नेपाल के कई इलाकों में ये प्रथा जारी है।

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