भारत के लिए हर मोर्चे पर बड़ी बाधा बन रहा चीन

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

वियना में 11 और 12 नवंबर को 48 सदस्‍यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह के सदस्‍य देशों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में परमाणु अप्रसार संधि पर हस्‍ताक्षर नहीं करने वाले देशों की एनएसजी में एंट्री पर दो चरणों वाली प्रक्रिया पर बातचीत होने की संभावना है। भारत के अलावा पाकिस्‍तान ने भी एनपीटी पर साइन नहीं किया है और उसने एनएसजी मेंबरशिप के लिए अप्‍लाई कर रखा है। इस मुद्दे पर चीन लगातार उसके साथ संपर्क में है।

इसे भी पढ़िए :  बांग्लादेश: जमात नेता मीर कासिम को दी गई फांसी

पिछले हफ्ते ही एनएसजी में एंट्री के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच दूसरे राउंड की बात हुई थी। इसके बाद चीन की तरफ से कहा गया था कि पहले वह एनपीटी पर साइन नहीं करने वाले सभी देशों की एंट्री के मुद्दे का समाधान चाहेगा। तब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा था, एनएसजी में भारत को शामिल करने के मामले पर मैं आपसे कह सकता हूं कि चीन का रुख बिल्‍कुल स्‍पष्‍ट और दृढ़ है। हम वैसा समाधान चाहेंगे जो सभी गैर एनपीटी देशों पर लागू हो।

इसे भी पढ़िए :  अमेरिका ने चीन को लगाई फटकार, कहा भारत से सीखे चीन

 

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse