तिहाड़ जेल के इतिहास में पहली बार, महिला जेलर ने संभाला पुरुष कैदियों की जेल का जिम्मा

0
जेलर
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

तिहाड़ जेल में हाल ही में एक इतिहास रचा गया है। तिहाड़ की एक पुरुष जेल का जेलर महिला अफसर को बनाया गया है। तिहाड़ जेल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी पुरुष कैदियों की जेल को पूरी तरह से किसी महिला अफसर के हवाले किया गया हो। इससे पहले यहां की केवल विमिन जेल ही महिला अफसर चलाती थीं, लेकिन डीजी सुधीर यादव ने महिला अफसरों को भी मेल कैदियों की जेल चलाने का अवसर देते हुए यह कदम उठाया है। अब तक यहां महिला जेलरों को सिर्फ महिला जेलों की ही जिम्मेदारी सौंपी जाती थी।

इसे भी पढ़िए :  EVM से छेड़छाड़ संभव नहीं, चुनाव आयोग का Live Demo

अंजू मंगला तिहाड़ के नौ जेलों में से एक, जेल नंबर-7 की सुप्रीटेंडेंट बनीं हैं। इस जेल में 18 से 21 वर्ष की उम्र वाले 800 से ज्यादा कैदी हैं। इनमें ज्यादातर चोरी और जेबतराशी के मामलों में बंद हैं। दूसरे नंबर पर लूट और तीसरे नंबर पर दुष्कर्म के आरोपी हैं। अंजू को जेल के डायरेक्टर जनरल सुधीर यादव ने पुरुष जेल की कमान सौंपी है। इससे पहले अंजू मंगला तिहाड़ की महिला जेल, जेल नंबर-6 की जेलर थीं।

इसे भी पढ़िए :  चीन से लंदन के लिए पहली मालगाड़ी रवाना, 18 दिन का समय लगेगा ब्रिटेन पहुंचने में

अंजू के स्वभाव और उनके कामकाज के तरीकों से कैदी भी काफी खुश बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पूरी होने के बाद अंजू रुक कर कैदियों से मिलती हैं ताकि उनकी परेशानियां जानकर उन्हें सुलझा सकें।

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तान को मोदी-ट्रंप की दो टूक, 'अपना धरती से आतंकवाद फैलाना बंद करे पाक'

अगले स्लाइड में पढ़ें -पुरुष कैदियों की जेल में जेलर की जिम्मेदारी संभालने के बाद अंजू के दिल की बात 

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse