डोपिंग केसः पहलवान नरसिंह यादव के रियो जाने का रास्ता साफ़, NADA ने माना बेकसूर

0

पहलवान नरसिंह यादव के रियो जाने का रास्ता साफ करते हुए राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (नाडा) ने सोमवार (1 अगस्त) को कहा कि उनके ड्रिंक में मिलावट किया गया था। इसके बाद नाडा ने नरसिंह यादव को संदेह का लाभ देते हुए उनके रियो जाने पर से प्रतिबंध हटा दिया। नरसिंह ने दावा किया था कि उसके विरोधियों ने उसके फूड सप्लीमेंट्स और खाने में इसे मिलाया। उसके फूड सप्लीमेंट्स हालांकि टेस्ट में साफ पाए गए थे।

इससे पहले जबकि नरसिंह यादव की ओलंपिक खेलने की उम्मीदों पर बुधवार (27 जुलाई) को झटका लगा था जब पांच जुलाई को हुए दूसरे डोप टेस्ट में भी वह नाकाम रहे थे। समझा जाता है कि 25 जून के डोप टेस्ट में नाकाम रहने पर अस्थायी निलंबन झेल रहे नरसिंह के पांच जुलाई को हुए टेस्ट के भी ए और बी नमूने पॉजीटिव पाए गए थे। भारतीय कुश्ती महासंघ के सूत्र ने प्रतिबंधित एनाबालिक स्टेरायड मेथांडिएनोन का हवाला देते हुए बताया था,‘यह वही पदार्थ है जो पहले टेस्ट में पाया गया था। इसका शरीर से बाहर जाना संभव नहीं था।’

इसे भी पढ़िए :  रियो ओलंपिक Live: भारत ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को 3-2 से हराया

नरसिंह डोप टेस्ट में हुए थे फेल
भारत की ओलंपिक तैयारियों को रविवार (24 जुलाई) को करारा झटका लगा था जब सुशील कुमार पर तरजीह देकर चुने गए पहलवान नरसिंह यादव नाडा द्वारा कराए गए डोप टेस्ट में नाकाम रहे थे जिससे अगले महीने शुरू हो रहे रियो ओलंपिक से भी लगभग बाहर हो गए थे। राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजंसी के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की कि नरसिंह के बी नमूने में भी प्रतिबंधित स्टेरायड के अंश पाए गए हैं। वह शनिवार (23 जुलाई) नाडा की अनुशासन पेनल के सामने पेश हुआ था। सूत्रों ने कहा कि उसे प्रतिबंधित अनाबालिक स्टेरायड मेथांडिएनोन के सेवन का दोषी पाया गया।

इसे भी पढ़िए :  भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने मैराथन धाविका ओपी जैशा के आरोपों को नकारा

डब्ल्यूएफआई ने किया था नरसिंह का समर्थन
भारतीय कुश्ती महासंघ ने सोमवार (25 जुलाई) को डोप टेस्ट में नाकाम रहे नरसिंह यादव का समर्थन करते हुए कहा था कि उसके खिलाफ साजिश की गई है। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि महासंघ का मानना है कि नरसिंह बेकसूर है और हम उसका पूरा साथ देंगे। उन्होंने कहा था कि नरसिंह का रिकॉर्ड साफ सुथरा रहा है और ओलंपिक से ठीक पहले इस तरह का कदम उठाकर वह अपने कैरियर को खत्म करने की बेवकूफी नहीं करेगा। उन्होंने कहा,‘नरसिंह और अपने पहलवानों को बचाना हमारा फर्ज है। नरसिंह का साफ सुथरा रिकॉर्ड रहा है। वह डोप टेस्ट से कभी पीछे नहीं हटता है।’

इसे भी पढ़िए :  सीरिया में विद्रोही गंठबंधन का कमांडर हवाई हमले में मारा गया

नरसिंह के चयन में हुआ था विवाद
पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले नरसिंह का रियो ओलंपिक के लिए चयन विवादित हालात में हुआ था क्योंकि ओलंपिक दोहरे पदक विजेता सुशील ने 74 किलो वर्ग में दावेदारी ठोकी थी। नरसिंह ने चूंकि विश्व चैम्पियनशिप के जरिये कोटा हासिल किया था डब्ल्यूएफआई और दिल्ली उच्च न्यायालय दोनों ने सुशील की मांग खारिज कर दी। नरसिंह को हालांकि इसके लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी।