बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक को अयोध्या मामले का कोर्ट से बाहर सेटलमेंट मंजूर नहीं

0
राम जन्म भूमि
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा समेत सभी भगवा दल और कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने स्वागत किया है, लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, ऑल इंडिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और बाबरी मस्जिद के लिए केस लड़ रहे वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव का स्वागत करते हैं, लेकिन हमें कोई आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट मंजूर नहीं है। पात्रा ने कहा कि पार्टी इस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का व्यापक अध्ययन करेगी और संबंधित पक्ष इसको मिलकर सुलझाएंगे।

इसे भी पढ़िए :  वीडियो में देखें कैसे नेत्रहीन छात्रों ने जन्माष्टमी पर बनाया मानव पिरामिड

मामले में RSS विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर पहले से ही था। लिहाजा वहां राम मंदिर का ही निर्माण होना चाहिए। मस्जिद का निर्माण नहीं होना चाहिए। इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से ही इस पर बातचीत का आधार बनता है। अब इसका समाधान ढूढ़ने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सिन्हा ने कहा कि बाबरी मस्जिद कमेटी इस बात के कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे पाई कि वहां पर मस्जिद था। ऐसे में वहां पर राम मंदिर का निर्माण करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

इसे भी पढ़िए :  दिल्ली में गंदगी की समस्या पर ‘आप’ सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- सफाई पर दें ध्यान
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse