बाबरी मस्जिद मामला: BJP के वरिष्ठ नेता आडवाणी, जोशी, उमा भारती की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, 22 मार्च को SC सुनाएगी आखिरी फैसला

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बाबरी मस्जिद
फाइल फोटो
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बहुचर्चित बाबरी मस्जिद मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले आपराधिक मुकदमे में हो रही देरी पर चिंता जताई, साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया कि क्या लखनऊ और रायबरेली के मुकदमों को एक ही कोर्ट में चलाया जा सकता है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत देते हुए कहा कि महज टेक्नीकल ग्राउंड पर इन्हें राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि इस मामले में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश की पूरक चार्जशीट दाखिल करें।

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कोर्ट ने कहा कि बाबरी विध्वंस मामले में दो अलग-अलग अदालतों में चल रही सुनवाई एक जगह ही क्यों न हो? इस मामले में मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और बीजेपी और विहिप के नेता शामिल हैं। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट अब 22 मार्च को सुनवाई करेगा।

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