राजधानी लखनऊ में ब्लैक मनी को व्हॉइट में बदलने के लिए एक्सिस बैंक के दो मैनेजरों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर रिश्वत लेकर 40 करोड़ की ब्लैक मनी को नये नोटों में बदलवाने का आरोप है।
आरोप के मुताबिक ये दोनों मैनेजर घूस में सोने की सिल्लियां लेते थे। ईडी ने कहा है कि अभी इस मामले में कुछ और लोग भी गिरफ्तार हो सकते हैं। उनके अनुसार आरोपियों को रकम देने वाले कुछ ज्वैलर्स ने नोटबंदी के एलान के बाद ऊंचे दामों पर सोना बेचा था। इसके बदले में उन्होंने 500 और 1000 रुपये के नोट ले लिए। बाद में इन्हीं नोटों को बदलवाने के लिए मैनेजर्स ने संपर्क किया गया।
वहीं, एक्सिस बैंक ने इस बारे में बयान जारी कर कहा कि बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की है और संबंधित संस्थाओं के साथ सहयोग कर रही है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह पाया गया है कि बैंक के अधिकारी बैंकिंग प्रक्रियाओं में ट्रांजेक्शन के लिए आरबीआई की तरफ से जारी किए गए नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा है कि किसी भी व्यक्ति की तरफ से की जाने वाली अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दे यह कोई पहला मामला नहीं, पिछले दिनों ही बेंगलुरू से 5.7 करोड़ रुपए के नए नोटों की नकदी बरामद हुई थी। इन नोटों को आयकर विभाग के अधिकारियों ने दो कारोबारियों के पास से बरामद किया था। बताया जाता है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत से ही कारोबारियों ने नए नोटों की इतनी बड़ी रकम जमा कर ली।