बीजेपी के पूर्व मंत्री ने खोली पीएम मोदी की पोल

0
बीजेपी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष हर वक्त मोदी सरकार पर हमला बोलता है उनके इस मामले को गलत ठहराता है। विपक्षी पार्टियां तो मोदी सरकार पर हमला तो बोलती ही है लेकिन अब तो पार्टी के अंदर भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार का फैसला “अच्छी तरह सोचा-समझा” नहीं था। हालांकि शौरी साथ ही ये भी कहा कि इस फैसले की मंशाल भली हो सकती है। शौरी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय विनिवेश मंत्री रहे थे।

इसे भी पढ़िए :  भाजपा कांग्रेस मुक्त भारत नहीं चाहती है: वैंकेया नायडू

शौरी ने निजी टीवी चैनल एनडीटीवी से कहा, “इसका मकसद कालाधन खत्म करना बताया गया है तो इसलिए हर कोई कहेगा कि बहुत अच्छा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये स्ट्राइक (हमला) अच्छी तरह सोच-समझकर की गई है। ये स्ट्राइक कालेधन पर नहीं है। ये स्ट्राइक भारत में नोटों के कानूनी चलन पर है। ये नकद लेन-देन पर स्ट्राइक है।”

इसे भी पढ़िए :  भारतीय सेना की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक पर खास कवरेज, देखिए - COBRAPOST IN-DEPTH LIVE

अरुण शौरी ने कहा, “जिन लोगों को पास कालाधन या काली संपत्ति है वो उसे नकद के तौर पर नहीं रखते। भारत के एक प्रतिशत लोगों के पास देश की 53 प्रतिशत संपत्ति है। 10 प्रतिशत लोगों के पास देश की 85 प्रतिशत संपत्ति है। अब इन अमीर लोगों के पास कालाधन और बढ़ जाएगा। वो गद्दों के नीचे कालाधन नहीं छिपाने जा रहे।” शौरी के अनुसार नोटबंदी के फैसले से गरीब नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ था जिनका रोज का जीवन नकद लेन-देन पर टिका होता है। शौरी के अनुसार कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को टैक्स नीति में बदलाव जैसे कदम उठाने चाहिए थे।

इसे भी पढ़िए :  अक्षय कुमार बोले, नोटबंदी से बॉलीवुड हुआ बुरी तरह प्रभावित
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse