सर्जिकल स्ट्राइक : वीडियो जारी करना चाहती है सेना, मोदी नहीं दे रहे इजाजत

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इस बात पर भी नजर है कि विडियो जारी करने से कहीं भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और न बढ़ जाए क्योंकि फुटेज सामने आने पर पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना अपने देश में बुरी तरह घिर जाएगी। आर्मी के शीर्ष रणनीतिकारों ने कहा कि सेना के पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि क्रॉस-बॉर्डर हमला बहुत प्रभावी रहा। इस संबंध में विडियो फुटेज के अलावा फोटोग्राफ भी हैं, जिन्हें सैनिकों और अनमैंड एरियल वीकल्स ने शूट किया था।

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एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि सर्जिकल स्ट्राइक से दूसरे पक्ष को भारी नुकसान हुआ। सरकार के पास सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत भी है कि हमारे जवानों ने प्रभावी ढंग से निशाने साधे।’ अब तक सर्जिकल हमले पर सशस्त्र बलों का केवल एक सार्वजनिक बयान 29 सितंबर को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिटरी ऑपरेशंस लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह की ओर से आया है।

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सेना के तीनों अंगों की स्टाफ कमेटी के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने मंगलवार को कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कॉमेंट्स इसलिए नहीं किए जा रहे हैं क्योंकि स्थिति अब भी’लाइव’ है। उन्होंने कहा, ‘मुझे कुछ नहीं कहना चाहिए क्योंकि यह बेहद संवेदनशील मामला है और स्थिति अब भी लाइव है।’ राहा ने यह भी कहा कि वायुसेना जवाब देने की ताकत रखती है, लेकिन वायु सेना के इस्तेमाल के बारे में कोई भी निर्णय सरकार को करना है।

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